आवश्यक सामग्री
- कैरी (कच्चा आम): 1 किलो
- नमक: 4 बड़े चम्मच (स्वादानुसार)
- हल्दी पाउडर: 3 बड़े चम्मच
- पीली या काली सरसों (राई दाल): 4 बड़े चम्मच
- सौंफ (दरदरी): 3 बड़े चम्मच
- मेथी दाना (दरदरा): 1 बड़ा चम्मच
- कलौंजी: 1 छोटा चम्मच
- अजवाइन: 1/2 छोटा चम्मच
- हींग: 1 छोटा चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर: 3-4 बड़े चम्मच
- सरसों का तेल: 200 – 250 ml
अचार बनाने की विधि
1. कैरी तैयार करना
- सबसे पहले कच्ची कैरी को अच्छे से धो लें और कुछ घंटों के लिए सूखने दें。
- अब इन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें और अंदर की गुठली निकाल द
2. नमक-हल्दी का प्रोसेस
- कटे हुए कैरी के टुकड़ों को एक बड़े बर्तन या बाउल में डालें。
- इसमें नमक और हल्दी पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें。
- अब इसे ढँक कर 24 घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दें, ताकि कैरी अपना पानी छोड़ दे
3. मसाले तैयार करना
- एक पैन में सौंफ और मेथी दाने को धीमी आंच पर 1-2 मिनट के लिए हल्का सूखा भून लें (ड्राई रोस्ट करें)。
- इसके बाद गैस बंद कर दें और राई को भी उसी गरम पैन में हल्का सा भून लें
- भुने हुए मसालों को ठंडा होने दें और फिर मिक्सर जार में डालकर दरदरा पीस लें
4. अचार को मिलाना
- 24 घंटे बाद कैरी को नमक-हल्दी वाले पानी से छान कर अलग कर लें。 कैरी को लगभग 1 घंटे धूप में भी सुखा सकते हैं ताकि इसका नमी खत्म हो जाए。
- अब सूखी हुई कैरी में दरदरे पिसे हुए मसाले, लाल मिर्च पाउडर, कलौंजी और हींग डालें。
- सरसों के तेल को एक बार अच्छे से धुआं उठने तक गरम करें, फिर गैस बंद कर दें。 जब तेल गुनगुना या ठंडा हो जाए, तो इसे मसालों और कैरी के ऊपर डालें。
5. स्टोर करना
- सभी चीजों को अच्छी तरह मिला ले.
- इस अचार को एक साफ़ और सूखे कांच (Glass) या चीनी मिट्टी के जार में भरें.
- 3-4 दिन तक जार को धूप में रखें और बीच-बीच में अचार को हिलाते रहें。 आपका आचार 7-8 दिन में पूरी तरह खाने के लिए तैयार हो जाएगा。